नगाड़े की धूम,
हवाओं में गुलाल,
भांग का नशा,
है होली का कमाल!
रंग, लोकगीत, संगीत, व्यंजन और भी बहुत कुछ! भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक, होली, न केवल वर्षों से चली आ रही हमारी परंपरा है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है।
रंगों का यह त्यौहार पूरे देश में कई तरह से मनाया जाता है। जहाँ एक ओर आनंद और भाईचारे की भावना एक रहती है, वहीं अलग-अलग स्थानों की सांस्कृतिक विशिष्टता इसे एक दूसरे से अलग बनाती है।
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होली लॉन्ग वीकेंड 2022:
18 मार्च, शुक्रवार (छुट्टी)
19 मार्च, शनिवार (वीकेंड)
मार्च 20, रविवार (वीकेंड)
डिस्क्लेमर: कृपया ध्यान दें कि COVID-19 से संबंधित यात्रा दिशानिर्देश परिवर्तन के अधीन हैं। यात्रा करने से पहले कृपया हमारे COVID दिशानिर्देश ट्रैकर पेज पर जाकर एक बार अवश्य चेक करें।
होली के दौरान घूमने के लिए प्रमुख 5 स्थान निम्नलिखित हैं:
1. वृंदावन
भव्य मंदिरों में विविध अनुष्ठानों और भव्यता के साथ मनायी जाने वाली वृंदावन की होली अपने आप में ख़ास है। आप होली के दौरान स्थानीय लोगों और विदेशी पर्यटकों को हाथों में रंग-गुलाल और पिचकारी के साथ संकरी गलियों से गुजरते हुए देख सकते हैं ।
विशेषता: बाँके बिहारी मंदिर में खेली जाने वाली फूलों की होली
2. जयपुर
जयपुर की होली बड़े ही शाही अंदाज़ में मनायी जाती है । ढोल की थाप, लोकगीत, नर्तक और कलाकार पूरे होली समारोह को भव्य बना देते हैं। होली के दौरान यात्रियों के लिए राजस्थान पर्यटन द्वारा कई होली कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
विशेषता: गोविंद जी मंदिर में होने वाला मनोरम होली उत्सव
3. वाराणसी
बनारस के मंत्रमुग्ध कर देने वाले घाटों पर रंगों से खेलने के बारे में कभी सोचा है? दुनिया के सबसे पुराने शहरों में से एक, वाराणसी में होली का त्यौहार अद्भुत तरीके से मनाया जाता है। भांग, मिठाई, गुलाल, संगीत और बहुत कुछ – वाराणसी एक अविस्मरणीय होली अनुभव के लिए उपयुक्त जगह है।
विशेषता: स्वादिष्ट स्थानीय भोजन, भांग और घाटों पर होने वाले उत्सव
4. पुरुलिया
पश्चिम बंगाल का यह छोटा सा शहर फाल्गुन के महीने में उत्सव और सांस्कृतिक माहौल से भरा होता है। पुरुलिया में होली का उत्सव 3 दिनों तक चलता है और इसे “बसंत उत्सव” कहा जाता है। होली के दिन से दो दिन पहले छऊ नृत्य, बाउल संगीत, दरबारी झुमुर और कई अन्य लोक कलाओं के बीच महोत्सव शुरू हो जाता है।
विशेषता: स्थानीय कलाकारों द्वारा लोकनृत्य छऊ का मनमोहक प्रदर्शन
5. हम्पी
तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित, हम्पी, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक है, यहाँ होली का पर्व उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। होली के यादगार एवं अनोखे अनुभव प्राप्त करने के लिए दुनिया भर से यात्री इस ऐतिहासिक शहर की यात्रा करते हैं! यहाँ होलिका दहन और अन्य महत्वपूर्ण अनुष्ठानों सहित 2 दिनों तक यह उत्सव चलता है।
विशेषता: विजयनगर के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पर होने वाला होली उत्सव
तो, आप इस होली में कौन सी जगह जाना चाहेंगे? अपने आने वाले ट्रैवल प्लान्स हमारे साथ अवश्य साझा करें!

