51 सालों बाद बना महाशिवरात्रि का ऐसा अद्भुत संयोग, करोड़ों लोग करेंगे स्नान!

प्रयागराज में कुंभ मेले का अंतिम स्नान आज अर्थात महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा। इस बार सोमवार को महाशिवरात्रि पड़ने से सोमवती शिवरात्रि के साथ ही 51 वर्षों के बाद ऐसा अद्भुत एवं पुण्यकारी संयोग बना है।

इस भव्य कुम्भ का समापन भी आज के स्नान के साथ हो जाएगा। इस अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त से ही से ही घाटों पर लोग स्नान करने के लिए जुट गए। पुराणों के अनुसार, इसी दिन सृष्टि के आरंभ में मध्यरात्रि में भगवान शिव ब्रह्मा की काया से रुद्र के रूप में प्रकट हुए थे। इसीलिए इस दिन को महाशिवरात्रि कहा जाता है। यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान शंकर और पार्वती का विवाह हुआ था।

लोक कथाओं और किवदंतियों के अनुसार इस दिन समुद्र मंथन से निकलने वाला विष भी शंकर ने लोक कल्याण की भावना से पिया था। इसलिए उन्हें महादेव भी कहा जाता है। जब उन्होंने विष अपने कंठ के पास रख लिया तो उसकी गर्मी से कंठ नीला हो गया। तभी से वह नीलकंठ भी कहलाते हैं।

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महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त: 

4 मार्च 2019: शुभ मुहूर्त शुरू – शाम 04:28
5 मार्च 2019: शुभ मुहूर्त समाप्त – 07:07